*पर्यटकों पर भारी टैक्स: नैनीताल में विरोध की आवाज 🏞️🚗💸*
नैनीताल में नगर पालिका परिषद के नए टैक्स नीति के खिलाफ *जन संघर्ष मोर्चा* ने आवाज उठाई है। मोर्चा के अध्यक्ष *रघुनाथ सिंह नेगी* ने कहा कि प्रति वाहन ₹300 और स्थानीय वाहनों से ₹200 वसूलना *जन-विरोधी* फैसला है। 😤💰

🚦 क्या है मामला?
– नगर पालिका सीमा में प्रवेश करने वाले हर वाहन से ₹300 वसूले जा रहे हैं।
– स्थानीय वाहनों पर भी ₹200 का शुल्क लगाया गया है।
– *एक दिन में जितनी बार वाहन सीमा में प्रवेश करेगा, हर बार टैक्स देना होगा।*
नेगी ने कहा कि यह फैसला पर्यटकों की जेब पर *अनावश्यक बोझ डालने* जैसा है और इससे नैनीताल की पर्यटन छवि को नुकसान पहुँच सकता है। 🏔️🚫
⚖️ टैक्स वृद्धि का कारण
सूत्रों के अनुसार, यह टैक्स वृद्धि *मा. उच्च न्यायालय के निर्देशों* के तहत की गई है। लेकिन नेगी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि:
– सरकार ने इस मामले को *जनहित में रिव्यू/अपील* के रूप में न्यायालय के समक्ष क्यों नहीं रखा? 🤔⚖️
– पहले प्रति वाहन ₹100 वसूला जाता था, लेकिन एकदम इतनी वृद्धि करना *नियमों के खिलाफ* है।
📊 जनता की मांग – टैक्स मुनासिब हो!
नेगी ने स्पष्ट किया कि जनता को टैक्स देने से *कोई गुरेज नहीं है*, लेकिन टैक्स *मुनासिब और तर्कसंगत* होना चाहिए।
– इतना अधिक टैक्स पर्यटकों को *हतोत्साहित* करेगा।
– यह निर्णय नैनीताल की अर्थव्यवस्था, जो काफी हद तक पर्यटन पर निर्भर है, पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
🛠️ मोर्चा की मांग
1. *शहरी विकास विभाग* से यह पूछा जाए कि टैक्स वृद्धि के पीछे क्या आधार और मापदंड थे?
2. सरकार मा. न्यायालय के निर्देशों के तहत टैक्स को *कम करने हेतु कार्रवाई* करे।
3. पर्यटकों और आमजन पर *अनावश्यक आर्थिक बोझ* न डाला जाए।
🙏 सरकार से अपील
नेगी ने कहा कि सरकार को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और जनहित में निर्णय लेना चाहिए। 🌐🚦
*नैनीताल की सुंदरता का आनंद लेने आए पर्यटकों पर टैक्स का अनावश्यक बोझ डालना, पर्यटन को हानि पहुँचाने के समान है। सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए! 🌄✨*
