⚡ सरकारी विभागों पर ₹1,300 करोड़ का बिजली बिल बकाया, CM की सख्ती का जन संघर्ष मोर्चा ने किया स्वागत
आम उपभोक्ता का ₹5,000 बकाया होने पर कट जाता है कनेक्शन, सरकारी महकमों पर करोड़ों बकाया होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?
📍 विकासनगर | उत्तराखंड में सरकारी विभागों पर बढ़ते बिजली बिल के बकाये का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री द्वारा सरकारी महकमों से बिजली बिलों की बकाया राशि वसूलने को लेकर संज्ञान लेने और सख्ती दिखाने के कदम का जन संघर्ष मोर्चा ने स्वागत किया है।
मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने इसे जनहित में सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपये का बिजली बिल बकाया होना और आम उपभोक्ताओं पर तुरंत कार्रवाई होना व्यवस्था में दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
⚡ आम जनता पर सख्ती, सरकारी विभागों को राहत क्यों?
नेगी ने बताया कि आम बिजली उपभोक्ता का महज ₹5,000 बकाया होने पर विद्युत कनेक्शन काट दिया जाता है, जबकि सरकारी विभागों पर करीब ₹1,300 करोड़ रुपये का बकाया होने के बावजूद यूपीसीएल कार्रवाई करने से बचता नजर आता है।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर मोर्चा ने कुछ दिन पहले उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश चंद्र ध्यानी से मुलाकात कर सरकारी विभागों से बकाया वसूली के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग उठाई थी।
📊 इन विभागों पर करोड़ों रुपये का बिजली बिल बकाया
सूत्रों के हवाले से सामने आए आंकड़ों के अनुसार सरकारी विभागों पर बकाया राशि का विवरण इस प्रकार है—
🔹 जल निगम एवं जल संस्थान – ₹450 करोड़
🔹 सिंचाई विभाग – ₹452 करोड़
🔹 नगर निगम एवं नगर पालिकाएं – ₹76 करोड़
🔹 अन्य सरकारी विभाग – ₹150 करोड़
🔹 सांसद/विधायक आवास – ₹45 करोड़
🔹 एमएसएसवाई – ₹258 करोड़
🔹 स्मार्ट सिटी – ₹45 करोड़
💬 आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा आर्थिक बोझ
रघुनाथ सिंह नेगी का कहना है कि सरकारी विभागों द्वारा समय पर बिजली बिलों का भुगतान नहीं किए जाने का आर्थिक बोझ अंततः आम उपभोक्ताओं पर ही पड़ता है। बिजली दरों में विभिन्न प्रकार के अधिभार और टैक्स के माध्यम से जनता को अतिरिक्त भार उठाना पड़ता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम आदमी के बिजली बिल का बकाया होने पर तत्काल कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाती है, तो सरकारी विभागों के मामले में वही नियम सख्ती से क्यों लागू नहीं होते?
⚖️ मोर्चा की मांग – सभी के लिए एक समान नियम
जन संघर्ष मोर्चा ने मांग की है कि सरकारी विभागों से लंबित बिजली बिलों की वसूली के लिए समयबद्ध अभियान चलाया जाए और आम उपभोक्ताओं की तरह सरकारी महकमों पर भी समान नियम लागू किए जाएं।
मोर्चा का कहना है कि बिजली बिल भुगतान के मामले में आम जनता और सरकारी विभागों के बीच किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री के संज्ञान के बाद यूपीसीएल सरकारी विभागों से करोड़ों रुपये की बकाया धनराशि वसूलने के लिए कितनी तेजी से कदम उठाता है। ⚡
