February 12, 2026

पहली बार खोजा गया विकृत आकार का ग्रह

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* 2019 में लांच हुए कैरेक्टराइजिंग एक्सोप्लेनेट सैटेलाइट से खोजा गया ग्रहीय पिंड * 35 प्रकाश वर्ष की दूरी पर मौजूद है नया ग्रह

पेरिस यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने एक विकृत आकार के ग्रहीय पिंड को खोजा है। 2019 में लांच कैरेक्टराइजिंग एक्सोप्लेनेट सैटेलाइट ने अपनी खोज में पाया कि यह ग्रहीय पिंड गोल आकार का नहीं है और यह अपने मेजबान तारे की परिक्रमा एक दिन से भी कम समय में पूरी कर लेता है। यानी इस ग्रह का एक वर्ष 24 घंटे से भी कम समय का होता है।

यूरोपीय एजेंसी ने इस अजीबोगरीब आकार वाले इस एक्सोप्लेनेट का नाम डब्ल्यूएएसपी 103बी नाम दिया है। यह एक्सोप्लेनेट ग्रहों की आंतरिक संरचना के बारे में एक नया सिद्धांत पेश करता है। इसे लेकर अभी और आगे की खोज जारी है। वैज्ञानिक एंद्रोस वाल्दीमायर ने बताया कि यह ग्रह अपने मेजबान तारे की परिक्रमा करते हुए हरक्यूलिस के तारामंडल में मौजूद है। यह मेजबान तारा सूर्य से 200 डिग्री ज्यादा गर्म और 1.7 गुना बड़ा है। नई खोज के मुताबिक, एक्सोप्लेनेट धरती से 35 प्रकाश वर्ष की दूरी पर मौजूद है और इसका आकार बृहस्पति से दोगुना तथा अलावा इसका एक वर्ष 24 घंटे से भी कम होने के कारण इसका ज्वार पृथ्वी के ज्वार की तुलना में बहुत ज्यादा है। वैज्ञानिकों ने बताया कि इस ग्रह से अभी कई रहस्यों का खुलासा होना बाकी है। एजेंसी

पृथ्वी से काफी अलग

यह विकृत आकार का ग्रह पृथ्वी से कई मायनों में अलग है। इसके मेजवान तारे की परिक्रमा एक दिन से भी कम समय में पूरी होने के कारण न सिर्फ इसका एक वर्ष 24 घंटे का होता है बल्कि इसका ज्वार भी धरती से काफी अधिक है। खगोलविद मानते हैं कि इस तरह की निकटता किसी ग्रह को अपने होस्ट-तारे से एक मजबूत ज्वार का अनुभव करने का कारण बन सकती है। अभी शोधकर्ता इसे माप नहीं पाए हैं।

रग्बी की गेंद जैसा है आकार

इस सैटेलाइट की मदद से वैज्ञानिक ग्रहों के घनत्व, संरचना और द्रव्यमान का अनुमान लगाने में सक्षम हुए हैं। इसका आकार किसी रग्बी बॉल की तरह है। वैज्ञानिकों ने एल 98-59 तारे की परिक्रमा करने वाले एक्सोप्लेनेट की भी खोज की थी।

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