आयुष डॉक्टर्स ने बायोमेट्रिक हाजिरी पर उठाई आवाज! 🚨👨⚕️
देहरादून। उत्तराखंड के आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने सरकार की बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली का जोरदार विरोध किया है। उनका कहना है कि राज्य की ख़ास भौगोलिक परिस्थितियों में यह नियम अव्यावहारिक है। 🌄⚡
क्या है मामला? 🤔
उत्तराखंड आयुर्वेदिक चिकित्सा संघ के निवर्तमान महासचिव डॉ. हरदेव सिंह रावत ने कहा कि –
“उत्तराखंड एक पहाड़ी राज्य है, जहाँ बार-बार प्राकृतिक आपदाएँ आती रहती हैं। ऐसे में, दूरदराज़ के इलाकों में बायोमेट्रिक हाजिरी देना मुश्किल है।” 🌧️⛑️
उन्होंने यह भी कहा कि –
“आयुष चिकित्सक और कर्मचारी पहले से ही ईमानदारी से सेवा दे रहे हैं। ऐसे में यह नियम उनके लिए अनावश्यक दबाव बनाएगा।” 💊❤️
अब क्या होगा? 🎤
डॉ. रावत ने बताया कि वे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस मुद्दे पर बात करेंगे। उनका कहना है कि –
“मुख्यमंत्री धामी कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हैं। हमें उम्मीद है कि वे हमारी बात सुनेंगे।” 🤝🏔️
क्यों हो रहा है विरोध? ⚠️
- उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में इंटरनेट और बिजली की समस्या आम है। 📡⚡
- प्राकृतिक आपदाओं के कारण कई बार स्टाफ को आपातकालीन सेवाएँ देनी पड़ती हैं। 🚑🆘
- पहले से ही डॉक्टर्स कम संसाधनों में काम कर रहे हैं। 🏥💪
क्या कहती है जनता? 🗣️
स्थानीय लोगों का कहना है कि –
“डॉक्टर्स पहाड़ों में रात-दिन मेहनत करते हैं। अगर सरकार उन पर बायोमेट्रिक का दबाव डालेगी, तो इससे स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावित हो सकती हैं।” 👥⛰️
अगला कदम? 🔜
डॉक्टर्स की टीम जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांग रखेगी। क्या सरकार उनकी बात मानेगी? यह देखना दिलचस्प होगा! 👀🏛️
📢 आपकी राय?
क्या बायोमेट्रिक हाजिरी पहाड़ी इलाकों के लिए सही है? हमें कमेंट में बताएं! 💬👇
