April 13, 2026

आयुष डॉक्टर्स ने बायोमेट्रिक हाजिरी पर उठाई आवाज! 🚨👨⚕️

0
dr-hardev-rawat-780x470.jpg

देहरादून। उत्तराखंड के आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने सरकार की बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली का जोरदार विरोध किया है। उनका कहना है कि राज्य की ख़ास भौगोलिक परिस्थितियों में यह नियम अव्यावहारिक है। 🌄⚡

क्या है मामला? 🤔

उत्तराखंड आयुर्वेदिक चिकित्सा संघ के निवर्तमान महासचिव डॉ. हरदेव सिंह रावत ने कहा कि –

“उत्तराखंड एक पहाड़ी राज्य है, जहाँ बार-बार प्राकृतिक आपदाएँ आती रहती हैं। ऐसे में, दूरदराज़ के इलाकों में बायोमेट्रिक हाजिरी देना मुश्किल है।” 🌧️⛑️

उन्होंने यह भी कहा कि –

“आयुष चिकित्सक और कर्मचारी पहले से ही ईमानदारी से सेवा दे रहे हैं। ऐसे में यह नियम उनके लिए अनावश्यक दबाव बनाएगा।” 💊❤️

अब क्या होगा? 🎤

डॉ. रावत ने बताया कि वे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस मुद्दे पर बात करेंगे। उनका कहना है कि –

“मुख्यमंत्री धामी कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हैं। हमें उम्मीद है कि वे हमारी बात सुनेंगे।” 🤝🏔️

क्यों हो रहा है विरोध? ⚠️

  • उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में इंटरनेट और बिजली की समस्या आम है। 📡⚡
  • प्राकृतिक आपदाओं के कारण कई बार स्टाफ को आपातकालीन सेवाएँ देनी पड़ती हैं। 🚑🆘
  • पहले से ही डॉक्टर्स कम संसाधनों में काम कर रहे हैं। 🏥💪

क्या कहती है जनता? 🗣️

स्थानीय लोगों का कहना है कि –

“डॉक्टर्स पहाड़ों में रात-दिन मेहनत करते हैं। अगर सरकार उन पर बायोमेट्रिक का दबाव डालेगी, तो इससे स्वास्थ्य सेवाएँ प्रभावित हो सकती हैं।” 👥⛰️

अगला कदम? 🔜

डॉक्टर्स की टीम जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांग रखेगी। क्या सरकार उनकी बात मानेगी? यह देखना दिलचस्प होगा! 👀🏛️


📢 आपकी राय?
क्या बायोमेट्रिक हाजिरी पहाड़ी इलाकों के लिए सही है? हमें कमेंट में बताएं! 💬👇

उत्तराखंड #आयुष #बायोमेट्रिकहाजिरी #धामीसरकार #HealthcareUttarakhand 🏥🌿

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *