October 9, 2026

⚡ आम उपभोक्ताओं पर सख्ती, सरकारी विभागों पर नरमी क्यों? यूपीसीएल को मोर्चा ने घेरा!

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🔥 ₹5,000 बकाया होने पर कट जाता है कनेक्शन, सरकारी विभागों पर करीब ₹1,300 करोड़ बकाया होने के बावजूद कार्रवाई नहीं!

📍 विकासनगर, उत्तराखंड। आम विद्युत उपभोक्ताओं पर बकाया वसूली के लिए सख्ती और सरकारी विभागों के प्रति नरम रवैया अपनाने को लेकर जन संघर्ष मोर्चा ने उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक प्रकाश चंद्र ध्यानी से मुलाकात कर सभी विद्युत उपभोक्ताओं के साथ समान व्यवहार करने की मांग उठाई। इस पर प्रबंध निदेशक ने कार्रवाई का भरोसा दिया।

⚡ आम जनता पर नियमों का डंडा, सरकारी विभागों को राहत क्यों?

रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि आम उपभोक्ता का महज ₹5,000 बिजली बिल बकाया होने पर उसका कनेक्शन काट दिया जाता है, जबकि सरकारी विभागों पर करीब ₹1,300 करोड़ की भारी-भरकम राशि बकाया होने के बावजूद यूपीसीएल प्रभावी कार्रवाई करने से बचता नजर आता है।

उन्होंने इसे आम जनता के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार बताते हुए कहा कि बिजली बिल जमा नहीं करने पर आम नागरिकों को तत्काल कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, लेकिन सरकारी महकमों के मामले में वही सख्ती दिखाई नहीं देती।

💰 सरकारी विभागों पर करोड़ों का बकाया

मोर्चा की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों पर बिजली बिल की बकाया राशि इस प्रकार बताई गई है:

🔹 जल निगम एवं जल संस्थान: ₹450 करोड़
🔹 सिंचाई विभाग: ₹452 करोड़
🔹 नगर निगम एवं नगर पालिकाएं: ₹76 करोड़
🔹 अन्य सरकारी विभाग: ₹150 करोड़
🔹 एमपी/एमएलए आवास: ₹45 करोड़
🔹 एमएसएसवाई: ₹258 करोड़
🔹 स्मार्ट सिटी: ₹45 करोड़

मोर्चा का दावा है कि इन विभागों पर भारी बकाया होने के बावजूद वसूली के लिए अपेक्षित सख्ती नहीं बरती जा रही है।

📈 बकाया सरकारी विभागों का, बोझ आम जनता पर क्यों?

नेगी ने कहा कि सरकारी विभागों पर बिजली बिलों का भुगतान लंबित रहने का असर अंततः बिजली व्यवस्था और आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है। उनके अनुसार, बिजली की दरों में विभिन्न प्रकार के अधिभार या अतिरिक्त शुल्क का बोझ बढ़ने से आम जनता की जेब पर असर पड़ता है।

उन्होंने यूपीसीएल से मांग की कि सरकारी विभागों से बकाया वसूली के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और नियमों का पालन सभी उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू किया जाए।

📢 मोर्चा की दो टूक—सभी के लिए एक समान नियम!

जन संघर्ष मोर्चा ने स्पष्ट किया कि बिजली बिलों की वसूली में आम नागरिकों और सरकारी विभागों के बीच किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। यदि आम उपभोक्ता के खिलाफ बकाया होने पर कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई की जाती है, तो सरकारी विभागों से भी नियमानुसार बकाया वसूली के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

मोर्चा की मांग है कि यूपीसीएल सरकारी विभागों पर भी सख्ती दिखाए, लंबित बिजली बिलों की वसूली सुनिश्चित करे और आम विद्युत उपभोक्ताओं के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार करे। ⚖️⚡

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